“तुम”

जब भी लगता है कि ,

प्यार को समझ लिया

तुम हर बार उलझा देते हो

कुछ नये मायने समझा देते हो।

जब भी लगता है कि ,

तुमको बहुत चाहती हूँ

अगले ही पल कम लगने लगता है

अैार जैसे तुम हो ,

हमेशा कम लगेगा

कहना है कि,

समझ लेने दो

तुमको,

ख़ुद को,

प्यार को।

कहना है कि,

जैसे हो

वैसे ही रहना

मैं बेहद चाहूँगी

तुमको

हमेशा

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