जिंदादिल बनारस

अस्सी घाट, जलेबी और पकौड़ी इनसे कही ज़्यादा है बनारस| 

सुबह की ताज़ी याद और शाम मिलने का वादा है बनारस||  

लड़की का पल पल निखरता योवन है बनारस| 

हौले हौले से गुज़रता उम्र चौवन है बनारस||  

बारिश की छाप छफाक वाली मस्ती है बनारस| 

हल्के नशे मे सराबोर करने वाली बियर सस्ती है बनारस||  

रात हवा के साथ आने वाली फुलो की खुश्बू है बनारस| 

प्रेमी के साथ की गयी मोहब्बत वाली गुफ्तगू है बनारस||  

बेटे की पहली तनख़्वाह की खुशी,पापा की मुस्कान है बनारस| 

दादी के हाथो की बनी पकवान है बनारस||  

नावशिशु की किल्कारी मे गूँजती मिठास है बनारस| 

वो पहले पहले प्यार वाला अहसास है बनारस||  

तिनके तिनके से बनाया पक्षी का घोसला है बनारस| 

जिंदगी से हार चुके, फिर भी आगे बढ़ने का हौसला है बनारस||  

देश के लिए लड़ रहे फ़ौजी का घर के नाम आख़री पैग़ाम है बनारस| 

जीने वालो के लिए काशी धाम और मरने वालो के लिए शमशान है बनारस||  

किसी अपने की दुनिया से रुखसती का दर्द है बनारस| राजस्थान की गर्मी और लेह की सर्द है बनारस||  

अंधे की लाठी और गुंगे की ज़ुबान है बनारस| 

गुज़रे सालों बाद मिलने का दुआ सलाम है बनारस||   

अपना और अपनो का शहर,मेरी जान है बनारस||  

-Shruति

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